मर्चेंट नेवी · सैलरी
मर्चेंट नेवी सैलरी प्रति माह
मर्चेंट नेवी में ट्रेनी (कैडेट) को लगभग ₹25,000 से ₹85,000 प्रति माह मिलते हैं। ऑफ़िसर की सैलरी थर्ड ऑफ़िसर या फ़ोर्थ इंजीनियर के रूप में लगभग ₹1.2 लाख से शुरू होकर कैप्टन या चीफ़ इंजीनियर के रूप में ₹5–20 लाख प्रति माह तक जाती है। सैलरी कंपनी, जहाज़ के प्रकार और रैंक पर निर्भर करती है।
रैंक के हिसाब से सैलरी (जहाज़ पर, प्रति माह)
| रैंक | प्रति माह |
|---|---|
| डेक कैडेट / इंजन कैडेट (ट्रेनी) | ₹25,000 – ₹85,000 |
| GP रेटिंग (नया) | ₹25,000 – ₹60,000 |
| थर्ड ऑफ़िसर | ₹1.2 लाख – ₹3.5 लाख |
| फ़ोर्थ इंजीनियर | ₹1.5 लाख – ₹3.5 लाख |
| सेकंड ऑफ़िसर | ₹2.5 लाख – ₹4.5 लाख |
| थर्ड इंजीनियर | ₹2 लाख – ₹5 लाख |
| चीफ़ ऑफ़िसर | ₹3.5 लाख – ₹10 लाख |
| सेकंड इंजीनियर | ₹4 लाख – ₹8 लाख |
| कैप्टन (मास्टर) | ₹5 लाख – ₹20 लाख |
| चीफ़ इंजीनियर | ₹6 लाख – ₹18 लाख |
कोई आधिकारिक वेतन-मान प्रकाशित नहीं होता। ये रेंज प्रकाशित भारतीय सैलरी गाइडों से 31 अक्टूबर 2026 को मिलाकर बनाई गई हैं और केवल मार्गदर्शन के लिए हैं।
सैलरी किन बातों पर निर्भर करती है
- जहाज़ का प्रकार: टैंकर और गैस कैरियर (खासकर LNG) बल्क और कंटेनर जहाज़ों से ज़्यादा देते हैं।
- कंपनी: बड़ी विदेशी कंपनियाँ आमतौर पर ज़्यादा देती हैं।
- रैंक और सर्टिफ़िकेट: हर नया सर्टिफ़िकेट ऑफ़ कॉम्पिटेंसी सैलरी बढ़ाता है।
- मुद्रा: विदेशी कॉन्ट्रैक्ट अक्सर अमेरिकी डॉलर में होते हैं, इसलिए रुपये में रकम विनिमय दर के साथ बदलती है।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने एबल सीफ़रर का न्यूनतम मूल वेतन 1 जनवरी 2026 से US$690 प्रति माह तय किया है। यह न्यूनतम सीमा है, सामान्य सैलरी नहीं।
Marine One एक स्वतंत्र कम्युनिटी और करियर-मार्गदर्शन प्लेटफ़ॉर्म है। हमारा DGMA, किसी संस्थान या शिपिंग कंपनी से कोई संबंध नहीं है। यह जानकारी केवल मार्गदर्शन के लिए है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मर्चेंट नेवी की सैलरी साल के हर महीने मिलती है?
आमतौर पर नहीं। सैलरी जहाज़ पर बिताए महीनों की मिलती है। कॉन्ट्रैक्ट अक्सर चार से नौ महीने का होता है, और घर पर बिताया समय प्रायः बिना वेतन का होता है।
क्या मर्चेंट नेवी की सैलरी टैक्स-फ़्री है?
विदेश जाने वाले जहाज़ों पर काम करने वाले भारतीय नाविक, जो एक वित्त वर्ष में कम से कम 182 दिन भारत से बाहर रहते हैं, आमतौर पर अनिवासी माने जाते हैं, और भारत के बाहर किए काम की कमाई पर भारत में टैक्स नहीं लगता। नियम बदलते रहते हैं; टैक्स सलाहकार से पुष्टि करें।